
बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे और डिवाइडर के बीच अब औषधीय और फलदार पौधों की वाटिका तैयार होगी। यूपीडा ने इस वर्ष एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर 80 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। चैनेज एक में चित्रकूट से महोबा के खन्ना तक पौधे लगाने की तैयारी है। इसके लिए यूपीडा ने पौधों की नर्सरी तैयार की है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट से शुरू होकर इटावा के कुदरैल के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिलता है। प्रधानमंत्री ने 2022 में इसका उद्घाटन किया था। अभी यह एक्सप्रेसवे फोर लेन है। भविष्य में इसे छह लेन विस्तारित करने की योजना है।
एक्सप्रेसवे के किनारे यूपीडा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करा रहा है। साथ ही इसके दोनों किनारों पर अब औषधीय और फलदार पौधों की बागवानी की जाएगी, जिससे पर्यावरण और किसानों की आय दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यूपीडा के अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष एक्सप्रेसवे में 2.80 लाख पौधे लगाने की तैयारी है। इसमें चित्रकूट से खन्ना तक करीब 60 किलोमीटर में 80 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायता होगी। अधिकारियों के मुताबिक औषधीय और फलदार पौधों से आय का एक नया स्रोत मिलेगा।












